Break / छुट्टी🤓

My friend said --You don't have to announce on WordPress when you're taking a WordPress break. There's nobody you need to apply for leave to, and nobody really cares that much for you.... 😭😂😍😍✨ I think I really need a break ... I  write 4-7 poetry's in a week.. post few of them here ...but [...]

Each Pearl a Tear

How can I let go of the pearls of pain ? It is just another string strung with glistening pearls...or are they pearly tear drops ? A string of agony that adorns me , attracts me , How can I let go of it? It keeps me attached to you . ---Nimish 

ध्यान !

कितना सहज है..  ध्यान की मुद्रा में आना  ; और कितना जटिल है .. वास्तव में ध्यान लग पाना ; स्पष्ट हैं... सीधी रीढ़ मात्र से , मन के टेढ़ेपन से निजात दुष्कर है ; अंतर्मन में व्याप्त कोलाहल रुपी विष  , कृत्रिम शांति पर अपकर्ष है !!! ----Nimish The life of inner peace, being harmonious and [...]

दो तरह के शेर

एक शेर जंगल का राजा , खूंखार ,घूमे आवारा  ! जंगल में भय कायम रखे , जीव जन्तु सब कापे उससे ! है राजा ,पर खुद शिकार पर , कड़ी मशककत ,पर मिलता कुछ  ! हर दिन घंटों ताक लगाए , मुश्किल से कोई हाथ में आए ! कभी कभी मायूस भी रह जाए, पर [...]

दूर कहाँ ??

दूर कहाँ ?? तुम तो मेरे सबसे समीप हो विकट से विकट छणों में सबसे निकट हो हाँ , अब तुम मेरी निकटता पर संशय कर सकते किसी तीसरे का दृष्टिकोण प्रस्तुत कर सकते अनुपात , क्षेत्रफल , वेग आदि गणितीय दूरी माप सकते एक-दूजे की नजदीकियों पर प्रशनचिन्ह लग सकते पर सत्य बड़ा सात्विक [...]

पॉलिटिक्स वगैरा

वैसे हम राजनीति पॉलिटिक्स इन सब से कोसों दूर रहना चाहते , पिता जी भी आये दिन सुनाते रहते - खाओ कमाओ ई राजनीति नेतागिरी से बाहर ही रहो गोबर गणेश !! पर मन कहा मानता , कभी-कभी सोचता हूँ कि  आदर्श , मूल्य , सिद्धांत वगैरा सोने का गहना है रोज पहनने की चीज [...]

Subtle Art of Love

Contrast of Liberating the loved One and tying them with the strings of Love. ============================ Label me as yours. Liberate me , call me your own. While I wish you fly wherever your heart desires. For have I loved you truly if I tie the wings of the majestic eagle's enthusiasm that makes who you are. ---Nimish [...]

चीनी चाय पीते हुए (अज्ञेय)

चाय पीते हुए... मैं अपने पिता के बारे में सोच रहा हूँ। आपने कभी चाय पीते हुए पिता के बारे में सोचा है? अच्छी बात नहीं है पिताओं के बारे में सोचना। अपनी कलई खुल जाती है। हम कुछ दूसरे हो सकते थे। पर सोच की कठिनाई यह है कि दिखा देता है कि हम [...]

सिर्फ शब्दों से नहीं..

सिर्फ शब्दों से नहीं , बिना छुए उसे स्पर्श कर.. बिना चूमे उसे चूमकर.. बिना घेरे उसे बाँहों में घेरकर.. . सूरजमुखी-सा शरमाते हुए... दूर से उसे पँखुड़ी-पँखुड़ी निहारते हुए... बिना देखे उसे दृश्य करते हुए... मैंने उससे कहा... ❤ ---Nimish  

जरुरी है ??

कभी-कभार मै सोचने लगता हूँ  ...क्या सफल होना जरुरी है ?? श्रेष्ठ बनना अनिवार्य है ??   हाँ या ना , पता नहीं !! पर शिखर तक ना भी पहुंचे हों , पर सशक्त होना जरुरी है ! बातें , मग से हो या न हो , पग धरातल पर जरुरी है ! दुरूहता कितनी भी [...]

Lover

The longer I live and the more I see Of the struggle of souls towards the heights above, The stronger this truth comes home to me That the Universe rests on the shoulders of love, A love so limitless, deep, and broad, That men have re-named it, and called it God. . And nothing that [...]