💕मां ,मेरी मां ,प्यारी मां 💕

घर से हूं दूर मां,
आना चाहता हूं तेरे पास
वक़्त के इस खेल में ,
मजबूर से है हालात ।।

सूनी सी लगती जिन्दगी ,
बिन तुझे देखे ,अब तो ।
कर्तव्यों को पूरा करने में ,
तुझसे दूर सा हो गया हूं ,मैं तो !!

रह रह कर तेरी याद में ,
तेरी फोटो निहारता हूं ।
तेरी आंखों की चमक से,
मै खुद के अंदर रोशनी पाता हूं।।

तेरा दिया हुआ घी का डब्बा ,
रह रह कर खोलता हूं ।
उसकी खुशबू में भी ,
आजकल तुझको ढूंढता हूं ।।

हर चीज अच्छी लगती ,
जिससे तेरी यादें जुड़ी है ।
शायद इसीलिए लिए हफ्तों से ,
ये नीली कमीज़ पहन रखी है ।।

तेरे पास जो था,करता ,
कितने ही नाटक
पर मां, अब खुद ही उठता हूं,
सूर्योदय से भी पहले।।

बचपन ही बढ़िया था ,
तेरी गोद में खेला करता ,
तेरी आंचल में सोया रहता ,
तेरे हाथो को तकिया बनाकर ,
उसमे अपना सिर रखता ।।

पर मां जब से बड़ा हुआ,
परिस्थितियों ने जकड़ा है
तुझसे दूर कर रखा है ।
जल्द खाली पाऊ ,
इन दायित्वों से
और फिर हमेशा के लिए ,
तेरे पास चला आऊ मै…
घर से हूं दूर मां,
आना चाहता हूं तेरे पास ।।।

—Nimish ©

For Meri बुढ़िया MAA💕💕💕

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33 thoughts on “💕मां ,मेरी मां ,प्यारी मां 💕

  1. One of the few times a poem is dedicated to a mother rather than a ‘girlfriend’🌸
    That ‘hafton se ye nili kameez pehen rakhi hai’ did made me a chuckle a bit😊
    You are very expressive in emotions👌

    Liked by 2 people

    1. 💕💕oh THANK YOU so much dost actually I have written almost 7 poems for my mother …
      She reads it all , jab Meri yaad aati unko💓

      Thank you dost once again ….MAA ki baat he kuch aur hai …apne aap emotions nikalte☺️

      Liked by 4 people

    1. Thank you so much Bhai ☺️☺️
      जी बिल्कुल मां भगवान की सबसे अच्छी रचना है,या यू कहलीजिए maa ही तो भगवान हैं….☺️

      Liked by 2 people

  2. आप सभी लोगो के response देख कर बहुत खुशी होती…☺️☺️
    एक लेखक , तारीफ का भूखा होता है….💕🌹
    बहुत बहुत शुक्रिया एवं आभार

    Liked by 1 person

  3. बहुत ही खूबसूरत कविता।
    हर रिश्तों से ऊपर तूँ नजर आती है,
    ऐ माँ इतना त्याग तूँ कहाँ से लाती है,
    करीब था तो अपना जिद्द नजर आता था,
    दूर होकर तेरा अब प्रीत समझ आता है,
    रिश्तों की भीड़ में ना प्रीत नजर आती है,
    ऐ माँ इतना प्रेम तूँ कहाँ से लाती है।

    Liked by 1 person

    1. धन्यवाद सर आपका
      आपने कविता नई जान भर दी…शानदार ।
      रिश्तों की भीड़ में ना प्रीत नजर आती हैं 👌👌👌🔥

      Liked by 1 person

  4. बेहतर कविता।
    मेरे बच्चे भी मुझसे दूर रहते हैं।
    ये उनके भी मन की बातें हैं।
    यह कविता उनसे share करूँगी।

    Liked by 2 people

    1. Thanks
      कोई भी मां हो ,कोई भी बेटा बेटी हो भावनाएं समांतर रहती है।।
      आप भी मेरी मां जैसे ही हो
      दिल खुश हुआ ,आपके comment padh ker 💕💕😍😍😄

      Liked by 1 person

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