बारिश 😀

सुनो पंडिताइन, मुझे पता हैं तुम्हें बारिश बहुत

पसंद हैं तो मैँ सोचता हु बारिश हो और तुम भीग

जाओ लेकिन जुकाम होने से पहले ,मैं बना दूं

अदरक तुलसी वाली चाय ताकि तुम उसे ग्रहण

कर सुरक्षित हो जाओ।

बाई गॉड की क़सम ….

Caution😜

बाते बचकानी है इसीलिए लॉजिक धूड़ने का

प्रयास ना करें🙏 😂😂😂😂

ये शायद truck

के पीछे लिखी शायरी से मिलती जुलती है 😂😂

वैसे कभी कभी शरारत भी कर लेनी चाहिए… साहित्य से बाहर निकल कर 😉

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28 thoughts on “बारिश 😀

  1. मजा ही आ गया | ऐसी हलकी फुलकी शरारत जरूरी होती है नीरस जीवन में ! बहुत खूब 😇

    Liked by 1 person

      1. Dil se nikle pratyek shabd bhavwanon ko bayaan karti hain…….
        dil parindaa hai ese janzeeron men mat baandhon
        udne do
        sahitya tab bhi tha aur
        tab bhi rahegaa……
        ye bematlab ki baaten chalne don…….
        abhi adrakhwali chai jaruri hai…….kya pataa barish kab aa jaaye.

        Liked by 5 people

      2. 👌👌👌 Kya mast comment hai☺️☺️☺️😀
        दिल परिंदा है इसे जंजीरों में मत बांधो 👌👌

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