नीम का पेड़

फिर लौटा अपने गांव मैं  ,
वापस उस पेड़ की छाँव में ।
फिर उसी खेत ख़ालियानो में ,
वापस लौटा उन बगियो में ।।

जहाँ उस नन्हें पौधे को रोपा था ,
पानी-पोषण देकर सँजोया था ।
वह पेड़ नीम का बड़ा हुआ ,
हरी जटायें बिखराए खड़ा हुआ ।।

पर दिनकर का क्रोध चरम पर है ,
तपती गर्मी से हांहांकार मचे ।
पर मै तो नीम की छाँव में हूँ ,
बन बैठा मेरी ढ़ाल है वोह ।।

क्यों पेड़ ??
तू क्यों बनता मेरी ढ़ाल??

है पेड़ तू एक,
पर कितनो का बनता सहारा
ऊपर पंछी के घोसलें हो ,
या हो गिलहरिओ का ठिकाना
तेरी छाँव मे बच्चों का खेल हो ,
या हो बूढ़े-बुजुर्गों की बैठकशाला ।।

क्यों दूसरों के खातिर ,
तू खुद को तपा रहा ।
क्यों दूसरों के खातिर ,
गर्मी-सर्दी , आंधी-तुफानो
के धक्के खा रहा ??

पर नीम का पेड़ तो अडिग खड़ा ,
खुद के दर्द को नज़रंदाज़ कर रहा ।
दूसरों को खुशी देकर खुश है, वोह शायद !!
तभी तो इस आग में भी ठंडी हवाएं बरसा रहा ।।

आग में भी ठंडी हवाएं बरसा रहा ।।

—Nimish

Happiness is Planting trees

ज्यादा नहीं पर 20 की उम्र तक मैंने  2 पेड़ लगाए ..एक आम का और एक नीम (जिसपर कविता लिखी)

मैं नहीं कहूंगा पेड़ लगाओ —-पेड़ लगाओ ….शायद कल आप सभी के whatsapp इन्ही सब msg’s से भर गए होंगे kyo??😂😂

पर अच्छा लगता …positive energy मिलती इतना कहूंगा….Nature से जुड़ने पर… 

Nice-road-nature-wallpaper.jpg

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58 thoughts on “नीम का पेड़

  1. Yes it is difficult… almost rare in metro cities

    That’s good 4 shrubs…. Tulsi plant is shrub…one hundred percent, it is one of them…. Rest 3??😊😊

    Thanks so much bhai for reading 😊

    Liked by 2 people

  2. मैंने भी जब 14 साल का था बीस सागवान लगाया था ।।।लगभग 15 आज भी प्रकृति से लड़कर खड़े हैं। आम भी लगाया था मगर किसी ने रहने नहीं दिया।

    खूबसूरत रचना है। वृक्ष हमारी जिंदगी हैं। वे जिंदा तो हमारी जिंदगी है।

    Liked by 1 person

    1. Waah bahut accha laga sunker
      Accha jab aap unn 15 ped ko dekhte honge to kitni khusi ,kitni shanti milti hogi naa …😊😊🙏🙏❤❤

      Thanks so much padhne aur atam vishwas badhane k liye .. dada❤

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      1. निश्चित खुशी होती है। कह नहीं सकते कैसे कैसे उसे नित्य देखते थे बढ़ते हुए। सुबह शाम एक एक पत्ते को देखते थे निकलते हुए और कहते थे मेरा एक भी नही मरा।बहुत अच्छा लगता है उसे देखकर।

        Liked by 1 person

      2. पेड़ काटने वाले विनाशकाली बुद्धि वाले दैत्य इस प्रकृति प्रेम को क्या समझेंगे ….
        खैर हम लोग अपना धर्म निभाते है …
        लोग सीखे देख हमे ऐसे मिशाल बनाते है 😉🙏🙏

        Liked by 1 person

  3. Beautiful!
    I too have an ardent love for nature and trees. About 3 yeas ago my grandma had had a beautiful garden with guava and papaya trees and many more. But we left that house and now we just have pots.
    But you know this poem reminded me of a Neem tree which was in my school. 💓 I just loved that, I used to have 4-5 Neem leaves daily but one day after vacations when I went to school it was rooted up by a storm last year. It was heart breaking 💔
    But still there are memories well settled in my heart with my neem tree!💕

    Liked by 2 people

  4. ऐसे विषयों पर लिखना वक़्त की पुकार है. पुर-इसरार निवेदन लोगों के जीवन रक्षा के लिए पर्यावरण रक्षा पर लिखते रहें🌾💕🌷

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    1. Ji bilkul sahi kaha
      Mera bhi pura प्रयास rahta सामाजिक muddo per likhu …apna lekhan khud tak सीमित न रखू

      Thanks so much 😊😊❤❤🙏

      Liked by 2 people

  5. पेड़ ही हमारे अन्नदाता और दीर्घजीवन के मार्गदर्शी हैं। आप पेड़ लगाकर और उनपर लिखकर अच्छा प्रयास कर रहे हैं। साधुवाद!

    Liked by 1 person

    1. Hmm thanku dost… Bilkul sach …fresh ,thandi hawa .
      Aangan me to tulsi hai …per ghar k saamne neem ka pedd lagaya hai …😊❤
      Thanku padhne k liye

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