मोटर न चलईहो (हास्य अवध भाषा)

अटल जी की कविता मनाली मत जइयो से प्रेरित ☺🙏—–

मोटर न चलईहो , गोरी

राजा के राज में ।

.

चलईहो तो चलईहो ,

उडिके मत चलईहो ,

नाके पर लटकिहौ ,

ट्रैफिक पुलिस के जाल में

.

चलईहो तो चलईहो ,

पीकर न चलईहो,

धर लिए जाओगे ,

अँधेरिया रात में ।

.

चलईहो तो चलईहो ,

हेलमेट बाँध चलईहो ,

मिलेंगे , वर्दी में जवान

मोदी के राज में ।

.

मोटर तो चलईहो ।

चालान न कटईहो

कायदा-कानून चले , गोरी

राजा के राज में ।।

कायदा-कानून चले , गोरी राजा के ……😀

—-Nimish

 

20190910_215209

20190910_214022

Advertisements

34 thoughts on “मोटर न चलईहो (हास्य अवध भाषा)

  1. 😄😃
    चलईहो तो चलईहो ,
    पर फोन use न करियो,
    वरना दुर्घटना हो जायेगी,
    राजा के राज में। 😝😛😆😃

    अच्छा लिखे हो

    Liked by 1 person

    1. अपुन फोन यूज करता है 😂 चलते टाइम 1 बार गटर मे गिर चुका हूँ ..😂

      Thanks so much for reading

      Liked by 2 people

  2. जब कोई बात दिल को छूता है तब समय का पता नही चलता। कलम अपनी मंजिल पर जाकर रुकती है।
    गजब!
    कम समय और कमाल का लेखन।
    ये लीजिये हम भी मिलीजुली भाषा मे एक कविता गढ़ दिए।

    रहम न जाने लोभी,कामी,सिर पर सनक सवार बा,
    सम्हल के जईहे बाबू तत्तपर आगे चौकीदार बा।
    बा-मुश्किल दोपहिया टूटल,
    लेकर रखनी द्वार पर,
    कभी कभी हमहूँ इतराएब,
    चढ़ के ई जहाज पर,
    अरमां सब मन में कुम्हिलाईल,दहशत में लाचार बा,
    सम्हल के जईहे बाबू तत्तपर आगे चौकीदार बा।
    आईल बा कानून नया मोटर के,
    और त्योहार भी,
    फाटल कुर्ता,फाटल धोती,
    पीछे पड़ल आकाल भी,
    जेब में नईखे फुटल आना,
    कहाँ से भरब हम जुर्माना,
    दस,बीस से ना काम चली ना चौड़ा खलिहान बा,
    सम्हल के जईहे बाबू तत्तपर आगे चौकीदार बा।
    गाड़ी के जितना बा दाम,
    ओकरा से दुगुना चालान,
    अपन दशहरा फीका होई,
    उनकर उगिहें दिन में चाँद,
    जा पहिले कागज बनवाव,
    हेलमेट,जूता कहीं से लाव,
    नौकरशाही मस्त,पस्त जन आईल मोदी राज बा,
    सम्हल के जईहे बाबू तत्तपर आगे चौकीदार बा,
    सम्हल के जईहे बाबू तत्तपर आगे चौकीदार बा।

    Liked by 5 people

    1. बेहतरीन 👌👌👌❤❤❤🙏

      आपकी कलम में सरस्वती माता विराजमान हैं तभी तो आप इतना दिल छू लेने वाली रचना लिखते

      बहुत आभार ☺💜😘

      Liked by 1 person

      1. धन्यवाद आपका ये आपसबों का ही देन है। ना आप ऐसा लिखते और ना ही मेरी कविता बनती। ऐसे ही लिखते रहिये।👏👏

        Liked by 1 person

    1. हा हा हा हा हा हा हा कापीराइट की समस्या है …अटल जी बुरा नहीं मानेंगे जहा तक हमे लगता 😅😂😂☺☺

      Thanks so much bhai ☺

      Liked by 2 people

      1. पता नहीं 😀 पर मैं स्वर्ग नही जाऊँगा इतना पता है 😭😭😂😂 अटल जी से मिलना मुश्किल

        Liked by 1 person

    1. Thanks so much 💜
      दोस्त रोमा जी हमरा writing कैसा है ?? थोड़ी टिप्पणी करें पलीज😊😊☺🧡🙏

      Liked by 2 people

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Google photo

You are commenting using your Google account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

Connecting to %s