चीनी चाय पीते हुए (अज्ञेय)

चाय पीते हुए…

मैं अपने पिता के बारे में सोच रहा हूँ।

आपने कभी

चाय पीते हुए

पिता के बारे में सोचा है?

अच्छी बात नहीं है

पिताओं के बारे में सोचना।

अपनी कलई खुल जाती है।

हम कुछ दूसरे हो सकते थे।

पर सोच की कठिनाई यह है कि दिखा देता है

कि हम कुछ दूसरे हुए होते

तो पिता के अधिक निकट हुए होते

अधिक उन जैसे हुए होते।

कितनी दूर जाना होता है पिता से

पिता जैसा होने के लिए!

पिता भी सवेरे चाय पीते थे।

क्या वह भी पिता के बारे में सोचते थे-

निकट या दूर?

—-अज्ञेय

all credits to AGEYAA 🙂 LOVED THIS Piece ….SHARING WITH U ALL Screenshot_20190224-050745~2.png

 

 

17 thoughts on “चीनी चाय पीते हुए (अज्ञेय)

  1. ये अज्ञेय कौन हैं।
    कितनी दूर जाना होता है पिता से

    पिता जैसा होने के लिए!

    बहुत खूब लिखा है।👌👌

    Like

    1. सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन “अज्ञेय” साहित्य की दुनिया में बहुत बड़ा नाम है अटल जी इनके बड़े प्रशंशक थे …. जब हम पढ़ते है दिनकर , बच्चन , महादेवी , प्रसाद , शुक्ल , हज़ारीप्रसाद को तो इनका नाम भी आता

      Like

      1. वो। अब समझा। पढा है इनकी कविता। हमें लगा कोई और अज्ञेय हैं।

        Like

  2. भाई, मुफ्तखोर,आकर्षण,दर्पण,एक साल आदि रचनाओं में कमेंट्स नही जा रहे हैं और ना ही लाईक हो रहा है।

    Liked by 1 person

    1. arre da 🙂 woh sab mai private kr diya tha khair ab aap एक साल , अटल माने , चैतन्य , अवसाद , मुफ्तखोर , मैं देख पाता हूँ , आकर्षण , दर्पण सारी पोस्ट पढ़ सकते और अपने बहुमूल्य कमेंट कर के मेरा दिन बना सकते …bahut khusi milti aaapka ashirwad paker

      नवंबर माह में आपकी कमी खली बहुत ..
      इतना स्नेह के लिए शुक्रिया daddu … प्रणाम

      जल्दी स्वस्थ हो जाओ मेरी शादी में आना है abhi toh 😀

      Liked by 1 person

  3. Fell in love with you and your poetry I appreciate your words little bit hard to understand the article but love from USA keep writing blog like this friend 😊 😃 you are amazing lots of love

    Like

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Google photo

You are commenting using your Google account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

Connecting to %s

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.