प्रेम में पड़ी स्त्री

प्रेम में पड़ी स्त्री

अबोध शिशु के समान होती है

पहचानती है बस स्नेह की भाषा

पलटती है केवल लाड़ की लिपि

पर सूंघ लेती है गंध पवित्र भावनाओं की

मचलती है सुनकर प्रेमी की आवाज़

ईश्वर स्वयं बचाते हैं प्रतिपल नासमझ को

प्रेम में डूबी स्त्री ईश्वर की गोद में खेलती है

~ डॉ० रुपाली टण्डन

Came across this beautiful  poem …sharing with you all❤EG9gsyYXkAIU0Sl

 

16 thoughts on “प्रेम में पड़ी स्त्री

    1. Pehlu*

      रूप is better word 😊

      Agree … whatever I am today or whatever I will be able to become tomorrow I owe everything to those Stree’s who loved me , helped me, made me better human… I’m zero without them ……. I owe u all so much. ❤

      Liked by 1 person

  1. No comments… आपको हमसे इस विषय में ज्यादा जानकारी है। और इस विषय में आपकी बात मान लेते हैं ।

    Liked by 3 people

    1. Humari kavita nahi bhai😂😂😂

      Ninda prashansa आपके अधिकार हैं 😊❤✨
      प्रेम करना स्त्री से बेहतर कोई नहीं जानता सच है 💐

      पुरुष प्रेम कम बिज़नेस नाप तोल जियादा करते 🐵🙏🙏😄

      Liked by 2 people

      1. अब अधिकार कहाँ? अब जो आपने मुँह मोड लिया। हमारा फूटा नसीब, और क्या? 😎😎😎

        Like

      2. कैसी बहकी बहकी बातें कर रहे भाई 😂😂

        अपुन बच्चे hain भाई … Aapko Twitter wala message yaad 😊

        Apun problem me hai samajho 💐
        समसते nahi yar …. 🙏❤

        Liked by 1 person

      3. वैद्य जी थे , हैं और रहेंगे… ❤🌻🙏

        सुने हैं twitter पर आजकल मस्त माहौल है …😂😂

        Liked by 1 person

  2. क्या खूब वर्णन। बेहतरीन रचना।

    प्रेम में पड़ी स्त्री

    अबोध शिशु के समान होती है

    पहचानती है बस स्नेह की भाषा।

    Liked by 1 person

    1. 🙂🌻❤ daddu

      झारखंड में जादू नहीं चला सुने हैं 😭😭😂😂
      भाजपा के कुछ नेता हवा में तैराकी कर रहे थे …राजस्थान MP महाराष्ट्र अब झारखंड

      Liked by 1 person

      1. कहते हैं न—-
        जब अहम सिर चढ़ जाता है,
        फिर अच्छे अच्छों को धरातल दिखता है।

        यहाँ से सरकार बनने के कुछ दिनों के बाद से अंत तक रघुवर सरकार के विरोध में पत्र लिखे जा रहे थे बीजेपी को मगर अमित शाह नही समझ पाए। अगर वगैर रघुवर का चुनाव लड़ते तब भी जनता कुछ रहम करती। मगर नही। फिर नही।

        Like

      2. हारना भी चाहिए हमेशा जीतना भी ठीक नहीं है …boring हो जाता है जनदगी😢😢😍😍😘

        Like

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Google photo

You are commenting using your Google account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

Connecting to %s

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.