मेरी बेटी

ये कविता मेरे R K करनानी dada   के लिए  उनकेे जन्मदिन पर ❤😃😍 ….उनकी एक बेहतरीन कविता कठपुतली पढ़ कर लिखी थी…❤😃✨    

मेरी बच्ची ,

मै तुम्हे सदैव परियों की ही कहानियां सुनाना चाहता था ;

कहानियां जिसमे तू हर बारी राजकुमारी बने , राजकुमार संग प्रीत रहे ,

महलों में तेरी हँसी गूंजे , तितली-भवरें संग मचले ;

पगपग पर खुशियां तेरे दामन छू ले ,

अश्रुजल गिरने से पूर्व तीनलोक काँपे ;

किन्तु समय की मांग हैं , अब

मै तुझे प्रेत कहानियां भी सुनाऊ ,

मै तुझे रण गाथाएं भी बताऊँ ,

तुझे शासन-शास्त्र की भी दीक्षा दूँ ,

और जरुरत वश शस्त्र-युद्ध की दक्षता दूँ !!

.
चूँकि अब

मै भान पाता हूं ,

समय बदल रहा ;

अब बच्चियाँ सिर्फ पाली नहीं जानी चाहिए ,

अब बच्चियाँ तैयार की जानी चाहिये ;

ताक़ि समाज उन्हें कठपुतली न समझे ,

कुसुम-कृश जान तोड़ने का साहस न रखे ;

राजमहलों की शोभा नही कर्तव्यपथ पर केतन हो ,

राजकुमार परस्त देख जौहर नहीं खिलज़ी की मौत रणचंडी हो ;

हाँ , मेरी बेटी

अब पापा तुम्हे सिर्फ परियों की कहानी न सुनायेंगे…..सिर्फ परियों की कहानी न ….❤

—-Nimish

EVqO_0UWkAIj2CX

 

 

35 thoughts on “मेरी बेटी

  1. अब बच्चियाँ सिर्फ पाली नहीं जानी चाहिए ,
    अब बच्चियाँ तैयार की जानी चाहिये ;
    बेबसी और आक्रोश से भरी पँक्तियाँ। बेटी होना अभिशाप हो गया है शायद।

    नित्य अपहरण,बलात्कार होते मौत नित
    वेदी पर दहेज की आहूत होती बेटियाँ,
    जख्म के निशान कई,दर्द के बखान कई,
    रूह काँप जाती मुँह खोलती जो बेटियाँ।

    Liked by 3 people

  2. बेटियाँ वास्तव में घर की रौनक होती हैं और सुसराल में अंधेरो को भगाने का दिया

    Liked by 2 people

  3. मेरे ब्लाग को लाइक करने के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद ! सामयिक और कलात्मक काव्य रचना ” मेरी बेटी ” अबला के निर्बला रूपी जंजीर को तोड़ते हुए प्रचण्ड शक्ति स्वरूपा होने का भान कराती है । कलात्मक काव्य लेखन के लिए साधुवाद!!

    Liked by 1 person

  4. Thanks so much प्रतीक्षा … I was doing प्रतीक्षा for my sweet Friend comment’s 😊😃✨

    Stay safe take care ✨

    Like

    1. हां जी भाई … 😊🙋❤✨

      Stay safe take care …

      2 गज़ की दूरी सबसे

      जमातियों से 2 मील की 😭😃

      Like

  5. Great lines! Josh ka sanchar! Bahut achchha lga padh kar! Man to tha hindi Mein likhne ka, par humare pass hindi keyboard nhi h..
    Bhul chuk maaf krna

    “Aankh dikhayi agar,
    To uski aag me jal jaoge,
    Haath lagana Mt usse,
    Uske taap ko tum seh nhi paoge..
    Annapurna, laxmi, sati, saraswati ko to dekha hai tumne,
    Pr jis din wo durga ke raudra roop me ayegi,
    Tm bach nhi paoge..
    Tm bach nhi paoge…
    Stri ko abla samaj zulm karne walo,
    Wo devi jis din rusht hui,
    Wo devi jis din rusht hui,
    Tm mitti me mil jaoge… ”

    Liked by 1 person

    1. वाह wow ….नो problem frnd ….मै पहले laptop पर लिखता था …hindi का चक्कर था वहाँ …

      आप google पर Easy Hindi Typing search ऐसे वेबसाइट्स है जो इंग्लिश text हिंदी convert करते …

      Thanks so much friend 🌸💫😃

      Loved ur tagline ….Never fall in Love ….instead rise in Love 🌸

      Liked by 1 person

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Google photo

You are commenting using your Google account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

Connecting to %s

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.