पुनर्जन्म

Again rebirth of thoughts , feeling and myself 🌸

कितना

ऊंच नीच जात पात

धर्म अधर्म इज्जत प्रतिष्ठा

द्वेष और मनमुटाव है

इंसानी जीवन में क्यों ???

मेरी प्रिय ,

अग़र हमने फिर से जन्म लिया तो ,

प्रेम में वशीभूत ‘तितलियों का एक जोड़ा’ बनेंगे ,

या फिर

किसी प्याऊ में रखी ‘मिट्टी की सुराही’ ,

क्यों !! 🙂

—-Nimish

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23 thoughts on “पुनर्जन्म

    1. हाँ😁 क्योकि वो सबको पानी पिलाएगी …बिना भेदभाव द्वेष मनमुटाव रंग जात मोटा पतला देखे 😊

      Thanks so much (Payal + Ameet ) == ?? 🌸❤😃😅

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  1. काश!मेरा जन्म मेरी मर्जी से होता,
    क्या फिर द्वेष,मनमुटाव ना होता।

    मामले में क्या पड़ना सुराही बन प्यास बुझाना प्यासों का। प्रभु राम भी मर्जी से आये थे। प्रेम बांटते रहे और प्रेम को तरसते रहे। पत्नी संग थी तल प्रजा दूर और जब प्रजा मिली तो पत्नी ना रही संग। फिर कहाँ गारंटी तितलियों के जोड़े सलामत रहेंगे, या पानी का गागर ही

    अतः क्यों न इसी जीवन में कुछ प्यार बांट लेते हैं। पता नही अगले जीवन में ये भी अवसर ना दे जमाना।

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    1. सहमत आपकी बातों से शत प्रतिशत 🌸

      यथार्थ कुछ ऐसा ही है 😃

      श्री राम का पुनर्जन्म 8 वां अवतार श्री कृष्ण …बहुत नटखट निराला और प्रेमिय हृदय वाला हैं … 10 के दस अवतार 10 पुनर्जन्म अपनी अपनी तर्क में उचित है …उत्कृष्ठ है 😊

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      1. फिर इसी जन्म में क्यों न हजार जन्मों का मजा लिया जाए,
        अगले जन्म में सुराही भी बन लेंगें।☺️

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      2. 🌸❤😃 जे बात ही तो हमरी जिंदगी का मलमूत्र है …मेरा मतलब मूलमंत्र है ❤😭😂

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  2. ईश्वर ने हमें इन बातों के साथ नहीं बनाया. यह तो दुनिया के बनाए नियम हैं. दुनिया वालों को हीं इन्हें बदलना या सुधारना होगा. इसे इस जन्म में भी कोशिश किया जा सकता है.

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    1. हां सही बात …अगर आज से ही खुद में बदलाव लाया जाए तो वह एक प्रकार का पुनर्जन्म ही होगा

      आज से तितलियों की भांति प्रेम सद्भाव रखा जाए तो …कविता के माध्यम से मेरा यही मंतव्य था दोस्त

      Thanks so much dost … Aapke comments mujhe aur बेहतर बनने और सोचने की प्रेणना देते 🌸❤😁

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  3. एक बार फिर …आपकी कविता का प्यारा पलायनवाद ! खैर जब इंसान दुनिया को रहने लायक न बना सके तो पलायन ही उपाय है! बहोत ही प्यारी सोच और प्यारी कविता!

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    1. ये कविता पता नही कैसे मन में आ गई चंद मिनट में कागज़ पर उतर गई… आपने एक बार शुक्ल जी की बात बताई थी वही याद आ गई 🌸😃
      बहोत शुक्रिया दोस्त🌸

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