मुझे चाँद चहिए

मुझे चाँद चहिए... मैं पकड़ हथेली चाँद की दूर क्षितिज तक जाऊंगा वसुधा की गोद में सिर रखकर अंबर का माथा चूम लूंगा सागर की ऊंची लहरों से मैं अपने पाँव भिगो लूंगा मुझे चाँद चहिए सच कहता हूँ मुझे चाँद चहिए....