Quote Me Challenge

Hello Guys, I want to tell you that I am very excited for my first quote me challenge, for which Miss Subi has nominated me. She is a nice Blogger ...very kind and always laughing n smiling.... cheerful check her blog, you will definitely like it. 🙂 Link to her blog is here – Subi chouhary Thank [...]

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Each and every day !!

There is a very special light, I see it in your eyes. Even the cold darkness of the night seemed to be paralyzed. . You look at me and say "I love you" so sweet and I see it's not a lie. I say back "I love you, too," and it almost makes me cry! [...]

शब्दों का खेल !!

मेरा मानना है - " शब्दों के आविष्कार के उपरान्त ही मनुष्य झूठा हो गया था  " , क्योकि आदमी /humans ही एक मात्र ऐसे जनावर है- जो शब्द बोल पाते , लिख पाते और उसे समझ पाते.......बाकी कोई जानवर कभी देखे हो ?? Calculas सॉल्व करते हुए ? अपनी प्रेमिका के लिए  lub लेटर लिखते [...]

कभी तो तू भी मुझे समझ !!!

और कितना मैं तुझे लिखूं , कभी तो तू भी मुझे समझ ।। मेरी हर नादानियों को तू , इतना मत परख.. मत परख ..इतना मुझे की मै , दूर तुझसे हो जाऊ.. दिल तो दिल कही आँखों से भी , ओझल हो जाऊ.. . कहा-कहा नहीं खोजे थे ?? तूने , इश्क़-प्रेम के मायने [...]

आपकी डॉक्टर बेटी !!

दिन रविवार था, एम्स की परीक्षा देकर मैं Noida मेट्रो में सवार दिल्ली लौट रहा था । खुश था...इसीलिए नहीं की exam बढ़िया गया था ,पर इसीलिए की करीब एक साल बाद घर जा रहा था...माँ के पास । सामने की सीट पर एक बुजुर्ग आदमी बैठे थे... कपडे मटमैले से, बाल बिखरे हुए , जूते [...]

‘बसंत’ आया क्या ??

परसाई जी कहते है --  ' बसंत आता नहीं , लाया जाता है   ' हमारा-आपका जीवन भी तो बिलकुल मौसम की भांति है -- कभी जिंदगी में बसंती हवाएं चलती है , तो कभी पतझड़ की बेला आती , कभी जिंदगी सावन के झूलो से सरपट हो जाती तो कभी जिंदगी बिलकुल बर्फ सी शांत,सफ़ेद चादर [...]

दुनिया ‘कुछ’ अजीब सी

हा हा , दुनिया कितनी अजीब सी है , दोस्त..... किसी की मुट्ठी खाली ,तो किसी को रखने की जगह कम है , कोई हिमालय सा शांत-अडिग ,तो कोई आग-बबूला दिनकर सा है । कोई धर्म का ज्ञाता यहाँ ,तो कोई नास्तिक बन मद-मस्त फिरे , कोई प्रेम में ' बुद्ध ' यहाँ ,तो कोई [...]

प्यास कैसे बुझाई जाए ??

मित्र..कैसे कोई जुुुगत लगाई जाए  ?? कैसे यह प्यास बुझाई जाए ?? संकट के बादल घिरते प्रतीत हो रहे , प्यासे चेहरे मायूस खड़े तक रहे ।। .. सूखते जा रहे कुएं  ,सूनसान हो रहे नल-कूप , प्यासे निराश पंछी...घटते हुए जन-जीव । सूखती हुई नदियाँ , सूखते हरे-भरे पेड़ , अमृतमय होने वाली 'पानी' की हर बूंद ।। [...]