लाहासिल इश्क़ (हास्य)

लाहासिल इश्क़ बड़ा ही क्रांतिकारी होता है , एकदम बवाल !! जिस भी क्षेत्र में घुसता है बिल्कुल चोटी का काम करता है... ऐसा इश्क़ में असफल व्यक्ति जब साहित्य में घुसता है तो-- उच्च श्रेणी की काव्य-रचना करता है , सिविल परीक्षा में बैठता है तो सीधा कलेक्टर और कही गलती से लैब - [...]

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शब्दों का खेल !!

मेरा मानना है - " शब्दों के आविष्कार के उपरान्त ही मनुष्य झूठा हो गया था  " , क्योकि आदमी /humans ही एक मात्र ऐसे जनावर है- जो शब्द बोल पाते , लिख पाते और उसे समझ पाते.......बाकी कोई जानवर कभी देखे हो ?? Calculas सॉल्व करते हुए ? अपनी प्रेमिका के लिए  lub लेटर लिखते [...]

‘बसंत’ आया क्या ??

परसाई जी कहते है --  ' बसंत आता नहीं , लाया जाता है   ' हमारा-आपका जीवन भी तो बिलकुल मौसम की भांति है -- कभी जिंदगी में बसंती हवाएं चलती है , तो कभी पतझड़ की बेला आती , कभी जिंदगी सावन के झूलो से सरपट हो जाती तो कभी जिंदगी बिलकुल बर्फ सी शांत,सफ़ेद चादर [...]

अनमोल बेटी अनमोल बाबा

कुछ यादें ऐसी होती है की सदा के लिए दिल-दिमाग में समा जाती है ..वैसे कोटा तो मै मेडिकल की तैयारी के लिए गया था ..या यू कह लीजिए मैं तो नासमझी के आकाश में समझ की पतंग उड़ाने सीखने गया था ,पर मेरा लेखक मन वहां अपने ही गुल खिला रहा था... कोचिंग जाते [...]