Mystery blogger award 4

Dear friends one of my blogger friend Abhishek nominated me for a Mystery blogger award. I’m deeply honored by this recognition. Thank you, friend ...I don't know much about you , apart from your fabulous poetries ...but that's enough. you write well ...your thoughts are beautiful . Keep it up❤✨🙌The rules for the Award:Put the [...]

गुड़िया

आपने कभी देखा है किसी छोटी बच्ची को गुड्डे-गुड़िया Doll , Barbie doll से खेलते हुए ...कभी देखिएगा एक गुड़िया और उस बच्ची में मेल ❤ कविता-- बच्चियाँ !! हाँ , छोटी बच्चियाँ , कैसे बच्चियाँ स्नेह का प्रतिबिम्ब बन जाती है ; . कैसे वे अपने गुड्डे-गुड़ियों के , केश संवारती है , रूप [...]

प्रेम और स्त्री

प्रेम में पड़ी , स्त्री सब कुछ सहती है ; सींचती हैं प्रेम रुपी पौधें को , अपने नेत्रजल से ; प्रतिपल बचाती है.. निज़ प्रेम को , हर व्याध , हर एक अंधड़ से ; सँजो कर रखती हैैं खुद में उसे , मानों कोई कस्तूरी मृग में ; प्रेम में पड़ी स्त्री बिलकुल [...]

उलटे पाँव

घर पर बंद पड़ा आदमी , निहारता है दीवार, अपने दादा-परदादा की स्मृतियों क़ो ; सिर पर हाँथ फ़ेर मुस्काता हैं , अपनी प्रेमिका को लिखें पुराने प्रेम पत्र पढ़कर ; खोज़ निकालता हैं , अपने पुराने खिलौने चीज़-समानों को ; लजाता हैं , स्वयं की किसी पुरानी तस्वीर देख कर ; जिंदगी की भागदौड़ [...]

किताबें पढ़नी हो तो ☺

सबके अपने शौक़ hobby है...और कल किसने देखा है दोस्त ...21 दिन है तेरे पास 😂 कुछ किताबें जो अच्छी है ...बहुत अच्छी  E -book khareed सकते इनकी , Kindle etc अभी पेपर में मिलना मुश्किल है दूकान डिलीवरी दोनों बंद है ... पुनर्नवा (आचार्य हज़ारी प्रसाद द्विवेदी) गृहदाह (शरत चंद्र ) मैला आंचल - [...]

ख़ीर

कभी कभी मै सोचता ये दिनभर दुःख , नकारात्मकता और रोने वाली बातें ही क्यों ढूंढ़ी जाए ...अरे भई खुशिया भी तो ढूंढ सकते ...खुशिया बना सकते ... परोस सकते ...क्यों ???☺  ख़ीर 😉 माँ का अनुपम प्रखर प्यार , गुमसुम हूँ मै ,पढ़ लेती आनन* हर इक राज ! घोर निशा का पहरा , [...]

भैंसे क्या सोचती होंगी

मै सोचता हूँ कि गाय-भैंसे अपने खाली वक़्त में क्या सोचती होंगी ...चारा खाने और दूध देने के अलावा भी क्या future planning करती होंगी ? फिर क्या ख़ुशकिस्मती से एक भैंस मिली ...मैंने तुरंत interview ले लिया 🙈😂 कविता -- भैंसे क्या सोचती होंगी ? प्रतिदिन-प्रतिपल क्या बूंझती होगी ?? घड़ी की सुइयाँ भी [...]

चित्रकार

क़ाश मैं चित्रकार या कोई रंगसाज होता... फिर जब कभी-भी तुम उदास होती , तुम्हे सामने बिठाकर , मैं तुम्हारी  खिलखिलाती हुई तस्वीर बना देता ! तुम्हारे मुरझुराए जूड़े में एक गुलाब टाँक देता...अपने ब्रश से ! हां  तुम्हारी चाँद जैसी आँखों में , तनिक शरारत भर देता ! तुमसे कितनी बार कहा है उदास [...]

व्योम

दो दूनी चार , दो तिहाई छह , स्लेट पर चॉक घिसता , भू पर पलथी मारकर बैठा , वह बालक , नहीं देखता आलिसां भवन , मोटी कमाई ; शान-शौक़त और अफ़सर बनने के सपने ; वह तो घंटी बजने और घर लौट , माँ के हाथ से दूध-भात ; बाबा के कंधे पर [...]

विश्वास

क्यों ढूँढती हो सच्चाई , जब सच्चा दिल तुम लिये हुए हो !! विश्वास से भरा दिल हम लिए हुए हैं !! ज़माना देखेगा अब , सीखेगा अब.. कि सच्चाई और विश्वास से रुहानीं रिश्तें कैसे बनकर जुड़ते हैं.. कभी ना टुटनें के लिए ---निमिष

Subtle Art of Love

Contrast of Liberating the loved One and tying them with the strings of Love. ============================ Label me as yours. Liberate me , call me your own. While I wish you fly wherever your heart desires. For have I loved you truly if I tie the wings of the majestic eagle's enthusiasm that makes who you are. ---Nimish [...]

जरुरी है ??

कभी-कभार मै सोचने लगता हूँ  ...क्या सफल होना जरुरी है ?? श्रेष्ठ बनना अनिवार्य है ??   हाँ या ना , पता नहीं !! पर शिखर तक ना भी पहुंचे हों , पर सशक्त होना जरुरी है ! बातें , मग से हो या न हो , पग धरातल पर जरुरी है ! दुरूहता कितनी भी [...]