वो चार लोग !!

फिर रुक गए पाँव,सोच कर  वोह क्या सोचेंगे !! कितने ही सपने मार दिए, खुद के  वोह क्या बोलेंगे !! जाना था किस ओर हमे, किस ओर चल दिए !! दिल में थे जो ख्वाब, भुला कर बाजू को मुड़ गए !! मन में जो उठते थे ,ज्वार ..बहुत उन्हें मन में ही दबाया !! [...]

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