पुनर्जन्म

Again rebirth of thoughts , feeling and myself 🌸 कितना ऊंच नीच जात पात धर्म अधर्म इज्जत प्रतिष्ठा द्वेष और मनमुटाव है इंसानी जीवन में क्यों ??? मेरी प्रिय , अग़र हमने फिर से जन्म लिया तो , प्रेम में वशीभूत 'तितलियों का एक जोड़ा' बनेंगे , या फिर किसी प्याऊ में रखी 'मिट्टी की [...]

उलटे पाँव

घर पर बंद पड़ा आदमी , निहारता है दीवार, अपने दादा-परदादा की स्मृतियों क़ो ; सिर पर हाँथ फ़ेर मुस्काता हैं , अपनी प्रेमिका को लिखें पुराने प्रेम पत्र पढ़कर ; खोज़ निकालता हैं , अपने पुराने खिलौने चीज़-समानों को ; लजाता हैं , स्वयं की किसी पुरानी तस्वीर देख कर ; जिंदगी की भागदौड़ [...]