शब्दों का खेल !!

मेरा मानना है - " शब्दों के आविष्कार के उपरान्त ही मनुष्य झूठा हो गया था  " , क्योकि आदमी /humans ही एक मात्र ऐसे जनावर है- जो शब्द बोल पाते , लिख पाते और उसे समझ पाते.......बाकी कोई जानवर कभी देखे हो ?? Calculas सॉल्व करते हुए ? अपनी प्रेमिका के लिए  lub लेटर लिखते [...]

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‘बसंत’ आया क्या ??

परसाई जी कहते है --  ' बसंत आता नहीं , लाया जाता है   ' हमारा-आपका जीवन भी तो बिलकुल मौसम की भांति है -- कभी जिंदगी में बसंती हवाएं चलती है , तो कभी पतझड़ की बेला आती , कभी जिंदगी सावन के झूलो से सरपट हो जाती तो कभी जिंदगी बिलकुल बर्फ सी शांत,सफ़ेद चादर [...]