दुनिया ‘कुछ’ अजीब सी

हा हा , दुनिया कितनी अजीब सी है , दोस्त..... किसी की मुट्ठी खाली ,तो किसी को रखने की जगह कम है , कोई हिमालय सा शांत-अडिग ,तो कोई आग-बबूला दिनकर सा है । कोई धर्म का ज्ञाता यहाँ ,तो कोई नास्तिक बन मद-मस्त फिरे , कोई प्रेम में ' बुद्ध ' यहाँ ,तो कोई [...]

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