प्रेम(haiku)

Just wanted to try something new wrote few haiku's ...🌸  सजल नयन उमंग प्रेम की स्मृतियां तुम्हारी . प्रेम में वशीभूत सिसकते तुम बिन प्रेम-प्रतीक्षा . प्रेम ने ओढ़ा  फूलों का दुपट्टा तितली नाराज़  ---Nimish   

अधूरा

मै उससे कभी जिक्र नहीं करता , बतलाता नहीं ; पर बिन उसके मै भी कितना अधूरा हूँ , रिक्त शून्य आधा 'बेचारा' हूँ ; जैसे पंख हीन पंछी नभ में , मांझी बिन कश्ती सागर में ; बिन सुगंध कुसुम जिस मोल , उसके बिन हर निमिष* इक शूल !! ----Nimish निमिष -छण instant [...]

मौन

Unless you're lying to yourself, you can tell by a single glance into her/his eyes whether she/he loves you truly or not....😃❤ मेरी प्रिय , मुझे नहीं पता , मुझे तुमसे क्या चाहिए !! पर मैं उस पथ पर कभी नहीं चल पाऊँगा , जहाँ मौन रहकर तुम्हें पीड़ा में देख सकूँ ; तुम्हारे दुख [...]

प्रतीक्षा

क़ाश ये पल जल्द गुज़रे , छटे चांदनी रात , सूर्य पुनः निकले ; एक-एक क्षण अब अर्सो-सा लगता , चंद महीनों का साथ जन्मों-का लगता ; . कर हिम्मत कह डाला - हैं प्रेम तुझसे , शरमा गई , बोली 'कल' बतलाती तुम्हें ; उसका 'कल' मुझे आज से ही व्यग्र रखता हैं , [...]

भावुक़

Lockdown में रामायण देखा जा रहा 😃 कैसे पत्नीवियोग में श्री राम के ह्रदय की पीड़ा.... उनकी भावुकता और कैसे घास के तिनके को अस्त्र बना लंकेश्वर को चुनौती देती अपहरित माँ सीते ...मज़बूत अडिग...सीता राम का अमर प्रेम बहुत कुछ कहता ... क्यों😍😘कविता-- कहने को पुरुष मजबूत , स्त्रियाँ भावुक थोड़ी नाज़ुक होती ; [...]

गुड़िया

आपने कभी देखा है किसी छोटी बच्ची को गुड्डे-गुड़िया Doll , Barbie doll से खेलते हुए ...कभी देखिएगा एक गुड़िया और उस बच्ची में मेल ❤ कविता-- बच्चियाँ !! हाँ , छोटी बच्चियाँ , कैसे बच्चियाँ स्नेह का प्रतिबिम्ब बन जाती है ; . कैसे वे अपने गुड्डे-गुड़ियों के , केश संवारती है , रूप [...]

दूर कहाँ ??

दूर कहाँ ?? तुम तो मेरे सबसे समीप हो विकट से विकट छणों में सबसे निकट हो हाँ , अब तुम मेरी निकटता पर संशय कर सकते किसी तीसरे का दृष्टिकोण प्रस्तुत कर सकते अनुपात , क्षेत्रफल , वेग आदि गणितीय दूरी माप सकते एक-दूजे की नजदीकियों पर प्रशनचिन्ह लग सकते पर सत्य बड़ा सात्विक [...]

चित्रकार

क़ाश मैं चित्रकार या कोई रंगसाज होता... फिर जब कभी-भी तुम उदास होती , तुम्हे सामने बिठाकर , मैं तुम्हारी  खिलखिलाती हुई तस्वीर बना देता ! तुम्हारे मुरझुराए जूड़े में एक गुलाब टाँक देता...अपने ब्रश से ! हां  तुम्हारी चाँद जैसी आँखों में , तनिक शरारत भर देता ! तुमसे कितनी बार कहा है उदास [...]

सिर्फ हमारी !!

तुम्हें जिया है मैंने , हर-पल , हर-कण में ; कविताओं के हर शब्द में , हर एक ख्वाहिश के साथ , हर एक तमन्ना , हर एक सपनें के साथ , जैसा मैं चाहता हूँ ; मैंने ठीक वैसी ही , दुनिया बनायी है , तुम्हारे साथ , मेरी और तुम्हारीं , सिर्फ हमारी....❤ [...]

शक़

मुझे हल्का-हल्का सा शक़ हुआ , लगा किसी को... मुझसे हल्की-हल्की सी , मोहब्बत हुई है... किसी के दिल में , बस मेरी ही ज्योत जली है !! किन्तु , शक़ के बिनाह पर , यू इल्ज़ाम लगाना ठीक नहीं उसपर !! भारी-भरकम प्रेम को , हल्का-फुल्का कह जाना ठीक नहीं कविवर !!! हल्का-फुल्का कह जाना...❤ [...]

स्मृति

मेरी प्रिय ! मैंने तुम्हारे लिए लिखा , किंतु कभी इस आशा से न लिखा , कि तुम पढ़ोगी !!! ये मेरा लिखना , तुम्हारी स्मृतियों को स्थायित्व दे गया !! और तुम्हारा प्रेम कभी , विस्मृत नहीं हुआ !!❤ ---Nimish  There is something indescribable about love.    

ऐसा जीवन जी जाना!!!

जब बसन्त की बहार है तो पतझड़ का क्यों सोचना जब बारिश की धार है तो सूखा मन क्यों रखना जब मिलता मां का साथ है तो विपत्तियों से मत डरना जब पंछी भरे उड़ान है तो सिर झुकाकर मत रहना जब सबका वो ही पालनहार है तो ऊच नीच क्यों करना जब कु कु [...]