स्वप्न पंछी

वो ना , बड़े सपने देखता कैसे सपने ?? फिल्मी पर्दे वाले ?? ना भई यथार्थ क़ी बीज से उत्पन्न हुए सपने तम की बेला में दीप लिए , जीवित सपने शिशु से कोमल , जरठ से प्रौढ़ सपने थोड़ा सा पाजीपन , थोड़ा प्रेमजाम पिएं सपने हां , अब कुछ सपने हक़ीक़त बनते कुछ [...]