प्रेम(haiku)

Just wanted to try something new wrote few haiku's ...🌸  सजल नयन उमंग प्रेम की स्मृतियां तुम्हारी . प्रेम में वशीभूत सिसकते तुम बिन प्रेम-प्रतीक्षा . प्रेम ने ओढ़ा  फूलों का दुपट्टा तितली नाराज़  ---Nimish   

पुनर्जन्म

Again rebirth of thoughts , feeling and myself 🌸 कितना ऊंच नीच जात पात धर्म अधर्म इज्जत प्रतिष्ठा द्वेष और मनमुटाव है इंसानी जीवन में क्यों ??? मेरी प्रिय , अग़र हमने फिर से जन्म लिया तो , प्रेम में वशीभूत 'तितलियों का एक जोड़ा' बनेंगे , या फिर किसी प्याऊ में रखी 'मिट्टी की [...]

अभिलाषा

इस सृष्टि की हर रचना के पीछे प्रेम Love ही तो है !! है ना🌸 वे , जिन्हें प्रेम में विश्वास था उन्होंने गमले लगाये , फूलों के बाग़ीचे तैयार किए ; उन फूलों से अंतर्मन सजाया , प्रेम की ख़ुशबू को सर्वत्र फैलाया !! . वे , जो लोभी थे , उन्होंने जंगल काट [...]

अधूरा

मै उससे कभी जिक्र नहीं करता , बतलाता नहीं ; पर बिन उसके मै भी कितना अधूरा हूँ , रिक्त शून्य आधा 'बेचारा' हूँ ; जैसे पंख हीन पंछी नभ में , मांझी बिन कश्ती सागर में ; बिन सुगंध कुसुम जिस मोल , उसके बिन हर निमिष* इक शूल !! ----Nimish निमिष -छण instant [...]

मौन

Unless you're lying to yourself, you can tell by a single glance into her/his eyes whether she/he loves you truly or not....😃❤ मेरी प्रिय , मुझे नहीं पता , मुझे तुमसे क्या चाहिए !! पर मैं उस पथ पर कभी नहीं चल पाऊँगा , जहाँ मौन रहकर तुम्हें पीड़ा में देख सकूँ ; तुम्हारे दुख [...]

अनपढ़ प्रेमी

मेरी परदादी के दाहिने हाथ में एक tatoo था परदादा के नाम का ...वे पढ़ी लिखी नहीं थी पर मुझे याद बचपन में पूछने पर बताती थी ये बाबा का नाम है ❤😃✨  प्रेम में , अनपढ़ भी गुदवा लेते है ; अपने प्रेमी-प्रेमिका का नाम , दाहिनें हाथ या बाजूं पीठ पर ; और [...]

प्रतीक्षा

क़ाश ये पल जल्द गुज़रे , छटे चांदनी रात , सूर्य पुनः निकले ; एक-एक क्षण अब अर्सो-सा लगता , चंद महीनों का साथ जन्मों-का लगता ; . कर हिम्मत कह डाला - हैं प्रेम तुझसे , शरमा गई , बोली 'कल' बतलाती तुम्हें ; उसका 'कल' मुझे आज से ही व्यग्र रखता हैं , [...]

भावुक़

Lockdown में रामायण देखा जा रहा 😃 कैसे पत्नीवियोग में श्री राम के ह्रदय की पीड़ा.... उनकी भावुकता और कैसे घास के तिनके को अस्त्र बना लंकेश्वर को चुनौती देती अपहरित माँ सीते ...मज़बूत अडिग...सीता राम का अमर प्रेम बहुत कुछ कहता ... क्यों😍😘कविता-- कहने को पुरुष मजबूत , स्त्रियाँ भावुक थोड़ी नाज़ुक होती ; [...]

गुड़िया

आपने कभी देखा है किसी छोटी बच्ची को गुड्डे-गुड़िया Doll , Barbie doll से खेलते हुए ...कभी देखिएगा एक गुड़िया और उस बच्ची में मेल ❤ कविता-- बच्चियाँ !! हाँ , छोटी बच्चियाँ , कैसे बच्चियाँ स्नेह का प्रतिबिम्ब बन जाती है ; . कैसे वे अपने गुड्डे-गुड़ियों के , केश संवारती है , रूप [...]

प्रेम और स्त्री

प्रेम में पड़ी , स्त्री सब कुछ सहती है ; सींचती हैं प्रेम रुपी पौधें को , अपने नेत्रजल से ; प्रतिपल बचाती है.. निज़ प्रेम को , हर व्याध , हर एक अंधड़ से ; सँजो कर रखती हैैं खुद में उसे , मानों कोई कस्तूरी मृग में ; प्रेम में पड़ी स्त्री बिलकुल [...]

चित्रकार

क़ाश मैं चित्रकार या कोई रंगसाज होता... फिर जब कभी-भी तुम उदास होती , तुम्हे सामने बिठाकर , मैं तुम्हारी  खिलखिलाती हुई तस्वीर बना देता ! तुम्हारे मुरझुराए जूड़े में एक गुलाब टाँक देता...अपने ब्रश से ! हां  तुम्हारी चाँद जैसी आँखों में , तनिक शरारत भर देता ! तुमसे कितनी बार कहा है उदास [...]

नायाब

बात सिर्फ़ खूबसूरती की होती , तो दुनिया में बेहतरीन विकल्प और भी है ; मगर मेरे लिए नायाब हैं वह , जो उसी एक सांचे में ढली हैं , वो मासुमियत , वो स्थिरता और वही दीवानापन ; फिर मुझे और किसी में नही दिखा...❤ तुम सा कोई दूजा हो ही नहीं सकता इस [...]

सिर्फ हमारी !!

तुम्हें जिया है मैंने , हर-पल , हर-कण में ; कविताओं के हर शब्द में , हर एक ख्वाहिश के साथ , हर एक तमन्ना , हर एक सपनें के साथ , जैसा मैं चाहता हूँ ; मैंने ठीक वैसी ही , दुनिया बनायी है , तुम्हारे साथ , मेरी और तुम्हारीं , सिर्फ हमारी....❤ [...]

शक़

मुझे हल्का-हल्का सा शक़ हुआ , लगा किसी को... मुझसे हल्की-हल्की सी , मोहब्बत हुई है... किसी के दिल में , बस मेरी ही ज्योत जली है !! किन्तु , शक़ के बिनाह पर , यू इल्ज़ाम लगाना ठीक नहीं उसपर !! भारी-भरकम प्रेम को , हल्का-फुल्का कह जाना ठीक नहीं कविवर !!! हल्का-फुल्का कह जाना...❤ [...]

स्मृति

मेरी प्रिय ! मैंने तुम्हारे लिए लिखा , किंतु कभी इस आशा से न लिखा , कि तुम पढ़ोगी !!! ये मेरा लिखना , तुम्हारी स्मृतियों को स्थायित्व दे गया !! और तुम्हारा प्रेम कभी , विस्मृत नहीं हुआ !!❤ ---Nimish  There is something indescribable about love.