मैंने देखा हैं !!

मैैंने देेखा हैैं..पाई-पाईं जोड़ कर गृहस्थी सवाँरती गृहणियों को , और देखा है..अपने सपने भूल परिवार का भरण-पोषण करती युवतियों को !! मैंने देखा है..प्रसव पीड़ा से कराहतीं महिलाओं को , और देखा है..अपने पति की कुशलता के लिए व्रत करती औरतों को !! मैंने देखा है..दिहाड़ी मजदूरों को अपने नवजात शिशुओं को स्तनपान कराते [...]

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