ख़ीर

कभी कभी मै सोचता ये दिनभर दुःख , नकारात्मकता और रोने वाली बातें ही क्यों ढूंढ़ी जाए ...अरे भई खुशिया भी तो ढूंढ सकते ...खुशिया बना सकते ... परोस सकते ...क्यों ???☺  ख़ीर 😉 माँ का अनुपम प्रखर प्यार , गुमसुम हूँ मै ,पढ़ लेती आनन* हर इक राज ! घोर निशा का पहरा , [...]