वटवृक्ष

कितने ख़ुशनसीब होते मंदिर में लगे वटवृक्ष टहनियों में बंधाएं 'मन्नतों' के रक्षासूत्र बन जाते हैं , ईश्वर और आराधक के मध्य आस्था के जीवंत सेतु . कितने ख़ुशनसीब होते सावित्रियों से घिरे वटवृक्ष बंध जाते हैं कच्चे सूत के धागों से बनते उनकी सदा सुहागन रहने की मजबूत गांठ इक आदर्श नारीत्व के प्रतीक [...]

अभिलाषा

इस सृष्टि की हर रचना के पीछे प्रेम Love ही तो है !! है ना🌸 वे , जिन्हें प्रेम में विश्वास था उन्होंने गमले लगाये , फूलों के बाग़ीचे तैयार किए ; उन फूलों से अंतर्मन सजाया , प्रेम की ख़ुशबू को सर्वत्र फैलाया !! . वे , जो लोभी थे , उन्होंने जंगल काट [...]

प्रियतम

The ultimate power of Arjun was neither his weapons nor his skills, but his complete surrender to the will of God. He questions and doubts relentlessly, but when he surrenders, he surrenders completely. That's what faith means...☺ मेरे प्रियतम , मेरे कृष्ण ; तुमने मुझे गिराया , और हर बार की तरह तुमने ही मुझे [...]

मौन

Unless you're lying to yourself, you can tell by a single glance into her/his eyes whether she/he loves you truly or not....😃❤ मेरी प्रिय , मुझे नहीं पता , मुझे तुमसे क्या चाहिए !! पर मैं उस पथ पर कभी नहीं चल पाऊँगा , जहाँ मौन रहकर तुम्हें पीड़ा में देख सकूँ ; तुम्हारे दुख [...]

गुड़िया

आपने कभी देखा है किसी छोटी बच्ची को गुड्डे-गुड़िया Doll , Barbie doll से खेलते हुए ...कभी देखिएगा एक गुड़िया और उस बच्ची में मेल ❤ कविता-- बच्चियाँ !! हाँ , छोटी बच्चियाँ , कैसे बच्चियाँ स्नेह का प्रतिबिम्ब बन जाती है ; . कैसे वे अपने गुड्डे-गुड़ियों के , केश संवारती है , रूप [...]

दूर कहाँ ??

दूर कहाँ ?? तुम तो मेरे सबसे समीप हो विकट से विकट छणों में सबसे निकट हो हाँ , अब तुम मेरी निकटता पर संशय कर सकते किसी तीसरे का दृष्टिकोण प्रस्तुत कर सकते अनुपात , क्षेत्रफल , वेग आदि गणितीय दूरी माप सकते एक-दूजे की नजदीकियों पर प्रशनचिन्ह लग सकते पर सत्य बड़ा सात्विक [...]

कवि और किश (हास्य)

शादी के बाद कालिदास कविता लिखने लगे। यहाँ उन कवियों को कालिदास से शिक्षा लेनी चाहिए जो बिना विवाह किए ही कविता लिखने लगते हैं। इसी का फल है कि वे 'तेरे फीरोजी ओठों पर' जैसी पंक्तियां लिख कर ओठों के स्वाभाविक रंग से अपनी अज्ञता का प्रचार करते हैं। हमारी यह बात सुन कर [...]

कविताएं लिखना !!

ये एक तरह से युद्ध लड़ने जैसा है ! कविताएं वग़ैरा लिखना  , क्यों ?? कोई प्रेम से लड़ता है ! कोई प्रेम में लड़ता है ! कोई प्रेम के लिए लड़ता है ! ये विद्रोह भी कराती है प्रेमियों के बीच ! और मिलन भी ! ये दरारें भी मिटाती है ! ये सहारे [...]

Unmasking

Never showed my love when she was here. Of her reaction I always had that fear. Now she will no longer stay. I never showed my love, and now she's away. . I always wanted to look at her face. I always wanted to be near her place. I always had a feeling deep down [...]

लगता होगा..

झरनों को भी लगता होगा किस तरह तुम्हारे हँसी के फुहारों  के इर्द-गिर्द वो फींके पड़ते जा रहे हैं ... . लय को भी लगता होगा किस तरह तुम्हारे मीठे स्वर के इर्द-गिर्द वो ख़ामोश साज़* (musical instrument) बनते जा रहे हैं ... . ख़ुशबू को भी लगता होगा किस तरह तुम्हारे कदमों के इर्द-गिर्द [...]