भीड़ से अलग !!

है भीड़ बहुत इस दुनिया मे , कैसे मै इसमें खो जाऊ ?? आँखों पर पट्टी बाँध कर , कैसे यु ही घुल मिल जाऊ ।। है भीड़ का न चेहरा कोई , ना ही तय है कोई दिशा सजग । दिखते है बस अतरंगी चेहरे , और अंत में मचनी है भगदड़ ।। कैसे [...]

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