किसान-सा धैर्य

बस कान न घुमाया उसदिन , डांटते-डांटते धिक्कार दिया ज्यों ; " किसान-पुत्र होकर भी देते हो अधैर्यता का परिचय संकल्प करो वैशाखनंदन* धीरज रखने का निश्चय " बात लगी उर* में , हाँ थी वह कड़वी सच्चाई इक किसान का जीवन पल-पल धैर्यता की परछाई ; . कर्षकों सा सौम्य ह्रदय , जब नन्ही [...]

अनपढ़ प्रेमी

मेरी परदादी के दाहिने हाथ में एक tatoo था परदादा के नाम का ...वे पढ़ी लिखी नहीं थी पर मुझे याद बचपन में पूछने पर बताती थी ये बाबा का नाम है ❤😃✨  प्रेम में , अनपढ़ भी गुदवा लेते है ; अपने प्रेमी-प्रेमिका का नाम , दाहिनें हाथ या बाजूं पीठ पर ; और [...]

भावुक़

Lockdown में रामायण देखा जा रहा 😃 कैसे पत्नीवियोग में श्री राम के ह्रदय की पीड़ा.... उनकी भावुकता और कैसे घास के तिनके को अस्त्र बना लंकेश्वर को चुनौती देती अपहरित माँ सीते ...मज़बूत अडिग...सीता राम का अमर प्रेम बहुत कुछ कहता ... क्यों😍😘कविता-- कहने को पुरुष मजबूत , स्त्रियाँ भावुक थोड़ी नाज़ुक होती ; [...]

भैंसे क्या सोचती होंगी

मै सोचता हूँ कि गाय-भैंसे अपने खाली वक़्त में क्या सोचती होंगी ...चारा खाने और दूध देने के अलावा भी क्या future planning करती होंगी ? फिर क्या ख़ुशकिस्मती से एक भैंस मिली ...मैंने तुरंत interview ले लिया 🙈😂 कविता -- भैंसे क्या सोचती होंगी ? प्रतिदिन-प्रतिपल क्या बूंझती होगी ?? घड़ी की सुइयाँ भी [...]

रौशनी

ऐसा नही की हम परिपक्व नही लेकिन फिर भी हम तुमसे हमेशा बच्चों जैसे पेश आते हैं क्यों कि सिर्फ बच्चे ही किसी और कि शक्ल पर निश्छल मुस्कान ला सकते हैं...वो मुस्कुराहट जो असल मायने मे जिंदगी है... मै तो चाहता हूँ , तू इसी तरह ...हँसे मुस्कुराएँ !! कूदे-फांदे ...दौड़ लगाए !! रूठना [...]

स्मृति

मेरी प्रिय ! मैंने तुम्हारे लिए लिखा , किंतु कभी इस आशा से न लिखा , कि तुम पढ़ोगी !!! ये मेरा लिखना , तुम्हारी स्मृतियों को स्थायित्व दे गया !! और तुम्हारा प्रेम कभी , विस्मृत नहीं हुआ !!❤ ---Nimish  There is something indescribable about love.    

कविताएं लिखना !!

ये एक तरह से युद्ध लड़ने जैसा है ! कविताएं वग़ैरा लिखना  , क्यों ?? कोई प्रेम से लड़ता है ! कोई प्रेम में लड़ता है ! कोई प्रेम के लिए लड़ता है ! ये विद्रोह भी कराती है प्रेमियों के बीच ! और मिलन भी ! ये दरारें भी मिटाती है ! ये सहारे [...]

ग़ुलाब

तुमसे रूठता हूँ... तो सोचता हूँ कि , अब अपने शब्दों से , तुम्हें और नहीं सींचूंगा !! किन्तु , तुम्हारे ग़ुलाब बने रहने के लिए , मेरा तुम्हें , प्रेम से सींचना आवश्यक हैं !! तुम मुर्झराये नहीं कि , इधर हम भी ... सूख कर बिखर जायेंगे ; और फिर ,मै यह भी सोचता [...]

पिक्चर प्रॉम्प्ट

इस तस्वीर से सम्बंधित अधिकतम दस लाइनें लिखनी थीं |  मेरा प्रयास तस्वीर के नीचे प्रेषित है | thanks to R K Karnani DADA for allowing me to write on this picture prompt .. 🙂 मै सोचता हूँ कि.. तुम्हारे आँखों की भाषा सिर्फ मै ही पढ़ रहा उसके संकेतों को सिर्फ़ मै ही समझ [...]

I Wrote A Song For You

I write poems about beauty , Your name is on every line. And how your pretty little fingers , Were made to perfectly fit into mine. . I write songs about perfection , Your name echoes all through. And how this hellish life on earth , Seems so heavenly with you..... To be continued 😍😍😉😉 I came along I [...]