वटवृक्ष

कितने ख़ुशनसीब होते मंदिर में लगे वटवृक्ष टहनियों में बंधाएं 'मन्नतों' के रक्षासूत्र बन जाते हैं , ईश्वर और आराधक के मध्य आस्था के जीवंत सेतु . कितने ख़ुशनसीब होते सावित्रियों से घिरे वटवृक्ष बंध जाते हैं कच्चे सूत के धागों से बनते उनकी सदा सुहागन रहने की मजबूत गांठ इक आदर्श नारीत्व के प्रतीक [...]

निशा (haiku)

लाशों का ढ़ेर लाशों पर 'मत' खेल सियासी षंडत्व . निशा का तिरपाल मानव कृश बेहाल मृत्यु तांडव . शहर बसाया गाँव को क्यों लौटते भोले पांडव ----Nimish Stop criticizing the lockdown - it maybe because of the lockdown that you're alive to read Dr Pranshu poetries 😂😂 Hallelujah 🌸

मेरी बेटी

ये कविता मेरे R K करनानी dada   के लिए  उनकेे जन्मदिन पर ❤😃😍 ....उनकी एक बेहतरीन कविता कठपुतली पढ़ कर लिखी थी...❤😃✨     मेरी बच्ची , मै तुम्हे सदैव परियों की ही कहानियां सुनाना चाहता था ; कहानियां जिसमे तू हर बारी राजकुमारी बने , राजकुमार संग प्रीत रहे , महलों में तेरी हँसी गूंजे , [...]

हारमोनियम

Lockdown में हारमोनियम पर धावा बोला गया है...बजाना आता तो नहीं था पहले ...पर पहले तो कुछ भी नहीं आता था..परसाई जी कहते है "बसंत आता नहीं ...लाया जाता हैं" ❤✨😃 सात स्वरों का मैं हूँ राजा , नाम मेरा हारमोनियम उर्फ़ बाजा ; संगीतकार को रियाज़ करवाऊँ, नए गीत की धुन मैं रचवाऊँ ; [...]