मां,पापा और मै(हास्य कविता)😁

मां बोली बेटा अब उठ जा , सूरज कब का है निकला ।। उठ जा बेटा अब बहुत हुआ , क्यों तोड़ रहा खुद के रिकॉर्ड ।। दुनिया देख, आगे बढ़ती जाती , और तू बिस्तर से है अबतक चिपका ।। बस कर अब तू,अंधेर ना कर , रातों में क्यों जगता है तू ।। [...]

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I loved you

I loved you, and I probably still do, And for a while the feeling may remain... But let my love no longer trouble you, I do not wish to cause you any pain. I loved you; and the hopelessness I knew, The jealousy, the shyness - though in vain - Made up a love so [...]