पाज़ेब

हमारे नाना के हज़ार किस्सों में से एक किस्सा पाज़ेब और स्वर्गवासी नानी को लेकर ❤ जो की मै कभी नहीं भूलता !! कविता के रूप में लिख रहा. कवि नाना से सवाल जवाब करता हुआ🐒🐵😂 ------------------------ यक्ष प्रश्न उठता है कि , पुरुष जीवन में पाज़ेब का क्या , महत्व ?? पुरुष होकर भी [...]

ध्यान !

कितना सहज है..  ध्यान की मुद्रा में आना  ; और कितना जटिल है .. वास्तव में ध्यान लग पाना ; स्पष्ट हैं... सीधी रीढ़ मात्र से , मन के टेढ़ेपन से निजात दुष्कर है ; अंतर्मन में व्याप्त कोलाहल रुपी विष  , कृत्रिम शांति पर अपकर्ष है !!! ----Nimish The life of inner peace, being harmonious and [...]

जरुरी है ??

कभी-कभार मै सोचने लगता हूँ  ...क्या सफल होना जरुरी है ?? श्रेष्ठ बनना अनिवार्य है ??   हाँ या ना , पता नहीं !! पर शिखर तक ना भी पहुंचे हों , पर सशक्त होना जरुरी है ! बातें , मग से हो या न हो , पग धरातल पर जरुरी है ! दुरूहता कितनी भी [...]