उलटे पाँव

घर पर बंद पड़ा आदमी , निहारता है दीवार, अपने दादा-परदादा की स्मृतियों क़ो ; सिर पर हाँथ फ़ेर मुस्काता हैं , अपनी प्रेमिका को लिखें पुराने प्रेम पत्र पढ़कर ; खोज़ निकालता हैं , अपने पुराने खिलौने चीज़-समानों को ; लजाता हैं , स्वयं की किसी पुरानी तस्वीर देख कर ; जिंदगी की भागदौड़ [...]

जरुरी है ??

कभी-कभार मै सोचने लगता हूँ  ...क्या सफल होना जरुरी है ?? श्रेष्ठ बनना अनिवार्य है ??   हाँ या ना , पता नहीं !! पर शिखर तक ना भी पहुंचे हों , पर सशक्त होना जरुरी है ! बातें , मग से हो या न हो , पग धरातल पर जरुरी है ! दुरूहता कितनी भी [...]