ये घोड़े पर बैठा दुल्हा गधा है

ये घोड़े पर बैठा दुल्हा गधा है, दहेज़ न लेने की एक विचित्र कथा है; किया था नालायक पर , लाखों ही ख़र्चे, सोचा था, वसुलेगे एक दिन "लड़की" के घर से; बाराती-घराती सभी थे अचंभित, मदरसे से पढ़ा है,या गुरुकुल में शिक्षित; पिता जी का चहेरा उतरा हुआ था, दूल्हा गधा है ये "चर्चित" [...]

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