कैसी कविता लिखूं??

सोचता हूं कैसी कविता लिखूं? कविता जो,शब्दों में उलझी हो , या जो सरल,रास और मीठी हो ।। कविता जो मेरी मां जैसी प्यारी हो , या जो पिता की तरह अनुशासित हो ।। कविता जो काशी की गलियों सी भा जाए , या वोह जिसमें अपना दिल रो जाए ।। कविता जो सफलता की [...]

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सपने होते पूरे✌️

कुछ सपने देखे होते पूरे , कुछ अपने देखे होठों पर मुस्कान लिए। आंखो में नमी,मोतियों सी चमकती हुई , शब्दों में वही सादगी,उदारता और नरमी। गर्व से शीश उठा कर ,अभिवादन स्वीकार करते हुए , अपनी काबिलियत के दम पर सब का विश्वास जीतते हुए। खड़ा हो जैसे विशाल हिमालय,शांत बिल्कुल हिमाद्रि , सुबह [...]