तुम्हारा शहर

कभी कभार हम सब किसी शहर के बारे में सिर्फ इतना-सा जानते हैं कि उस शहर में वह शख्स रहता हैं जिससे हमे बेहद प्यार हैं... ----Nimish बनारस का घाट हो तुम प्रिय , तुमसे मिलने के लिए मुझे गंगा होना पड़ेगा❤😃🌸 वइसे भिया द्वारका के लिए कोण सी मेट्रो लाइन आवेगी...🌸

प्रेम(haiku)

Just wanted to try something new wrote few haiku's ...🌸  सजल नयन उमंग प्रेम की स्मृतियां तुम्हारी . प्रेम में वशीभूत सिसकते तुम बिन प्रेम-प्रतीक्षा . प्रेम ने ओढ़ा  फूलों का दुपट्टा तितली नाराज़  ---Nimish   

अभिलाषा

इस सृष्टि की हर रचना के पीछे प्रेम Love ही तो है !! है ना🌸 वे , जिन्हें प्रेम में विश्वास था उन्होंने गमले लगाये , फूलों के बाग़ीचे तैयार किए ; उन फूलों से अंतर्मन सजाया , प्रेम की ख़ुशबू को सर्वत्र फैलाया !! . वे , जो लोभी थे , उन्होंने जंगल काट [...]

अधूरा

मै उससे कभी जिक्र नहीं करता , बतलाता नहीं ; पर बिन उसके मै भी कितना अधूरा हूँ , रिक्त शून्य आधा 'बेचारा' हूँ ; जैसे पंख हीन पंछी नभ में , मांझी बिन कश्ती सागर में ; बिन सुगंध कुसुम जिस मोल , उसके बिन हर निमिष* इक शूल !! ----Nimish निमिष -छण instant [...]

मौन

Unless you're lying to yourself, you can tell by a single glance into her/his eyes whether she/he loves you truly or not....😃❤ मेरी प्रिय , मुझे नहीं पता , मुझे तुमसे क्या चाहिए !! पर मैं उस पथ पर कभी नहीं चल पाऊँगा , जहाँ मौन रहकर तुम्हें पीड़ा में देख सकूँ ; तुम्हारे दुख [...]

प्रतीक्षा

क़ाश ये पल जल्द गुज़रे , छटे चांदनी रात , सूर्य पुनः निकले ; एक-एक क्षण अब अर्सो-सा लगता , चंद महीनों का साथ जन्मों-का लगता ; . कर हिम्मत कह डाला - हैं प्रेम तुझसे , शरमा गई , बोली 'कल' बतलाती तुम्हें ; उसका 'कल' मुझे आज से ही व्यग्र रखता हैं , [...]

चित्रकार

क़ाश मैं चित्रकार या कोई रंगसाज होता... फिर जब कभी-भी तुम उदास होती , तुम्हे सामने बिठाकर , मैं तुम्हारी  खिलखिलाती हुई तस्वीर बना देता ! तुम्हारे मुरझुराए जूड़े में एक गुलाब टाँक देता...अपने ब्रश से ! हां  तुम्हारी चाँद जैसी आँखों में , तनिक शरारत भर देता ! तुमसे कितनी बार कहा है उदास [...]

नायाब

बात सिर्फ़ खूबसूरती की होती , तो दुनिया में बेहतरीन विकल्प और भी है ; मगर मेरे लिए नायाब हैं वह , जो उसी एक सांचे में ढली हैं , वो मासुमियत , वो स्थिरता और वही दीवानापन ; फिर मुझे और किसी में नही दिखा...❤ तुम सा कोई दूजा हो ही नहीं सकता इस [...]

विश्वास

क्यों ढूँढती हो सच्चाई , जब सच्चा दिल तुम लिये हुए हो !! विश्वास से भरा दिल हम लिए हुए हैं !! ज़माना देखेगा अब , सीखेगा अब.. कि सच्चाई और विश्वास से रुहानीं रिश्तें कैसे बनकर जुड़ते हैं.. कभी ना टुटनें के लिए ---निमिष

सिर्फ हमारी !!

तुम्हें जिया है मैंने , हर-पल , हर-कण में ; कविताओं के हर शब्द में , हर एक ख्वाहिश के साथ , हर एक तमन्ना , हर एक सपनें के साथ , जैसा मैं चाहता हूँ ; मैंने ठीक वैसी ही , दुनिया बनायी है , तुम्हारे साथ , मेरी और तुम्हारीं , सिर्फ हमारी....❤ [...]

रौशनी

ऐसा नही की हम परिपक्व नही लेकिन फिर भी हम तुमसे हमेशा बच्चों जैसे पेश आते हैं क्यों कि सिर्फ बच्चे ही किसी और कि शक्ल पर निश्छल मुस्कान ला सकते हैं...वो मुस्कुराहट जो असल मायने मे जिंदगी है... मै तो चाहता हूँ , तू इसी तरह ...हँसे मुस्कुराएँ !! कूदे-फांदे ...दौड़ लगाए !! रूठना [...]