प्रेम में पड़ी स्त्री

प्रेम में पड़ी स्त्री अबोध शिशु के समान होती है पहचानती है बस स्नेह की भाषा पलटती है केवल लाड़ की लिपि पर सूंघ लेती है गंध पवित्र भावनाओं की मचलती है सुनकर प्रेमी की आवाज़ ईश्वर स्वयं बचाते हैं प्रतिपल नासमझ को प्रेम में डूबी स्त्री ईश्वर की गोद में खेलती है ~ डॉ० रुपाली [...]

Fulfillment

I am eager to love you , than I am about you loving me in return. It keeps my heart safe. It is also a havoc to my survival. But ..gosh! it is so fulfilling to love you insanely. ---Nimish If I had not fallen in love with you, I would have never known what fulfillment [...]

पाज़ेब

हमारे नाना के हज़ार किस्सों में से एक किस्सा पाज़ेब और स्वर्गवासी नानी को लेकर ❤ जो की मै कभी नहीं भूलता !! कविता के रूप में लिख रहा. कवि नाना से सवाल जवाब करता हुआ🐒🐵😂 ------------------------ यक्ष प्रश्न उठता है कि , पुरुष जीवन में पाज़ेब का क्या , महत्व ?? पुरुष होकर भी [...]

ध्यान !

कितना सहज है..  ध्यान की मुद्रा में आना  ; और कितना जटिल है .. वास्तव में ध्यान लग पाना ; स्पष्ट हैं... सीधी रीढ़ मात्र से , मन के टेढ़ेपन से निजात दुष्कर है ; अंतर्मन में व्याप्त कोलाहल रुपी विष  , कृत्रिम शांति पर अपकर्ष है !!! ----Nimish The life of inner peace, being harmonious and [...]

पॉलिटिक्स वगैरा

वैसे हम राजनीति पॉलिटिक्स इन सब से कोसों दूर रहना चाहते , पिता जी भी आये दिन सुनाते रहते - खाओ कमाओ ई राजनीति नेतागिरी से बाहर ही रहो गोबर गणेश !! पर मन कहा मानता , कभी-कभी सोचता हूँ कि  आदर्श , मूल्य , सिद्धांत वगैरा सोने का गहना है रोज पहनने की चीज [...]

जरुरी है ??

कभी-कभार मै सोचने लगता हूँ  ...क्या सफल होना जरुरी है ?? श्रेष्ठ बनना अनिवार्य है ??   हाँ या ना , पता नहीं !! पर शिखर तक ना भी पहुंचे हों , पर सशक्त होना जरुरी है ! बातें , मग से हो या न हो , पग धरातल पर जरुरी है ! दुरूहता कितनी भी [...]